आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी, जिन्होंने यूपीएससी के लिए छोड़ दी थी गूगल की नौकरी

UPSC: जब इरादे मजबूत हो तो जीवन में आने वाली हर बाधाओं को इंसान पार कर जाता है। तेलंगाना के रहने वाले अनुदीप दुरीशेट्टी आईएएस की परीक्षा में तीन बार असफल रहे लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और दुगनी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी में लगे रहे।

अनुदीप दुरीशेट्टी तेलंगाना में जगत्याल के मेटपल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जिले के श्री सूर्योदय हाई स्कूल और श्री चैतन्य जूनियर कॉलेज से प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने साल 2011 में राजस्थान के बिट्स पिलानी से बी. टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन) की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने का मन बना लिया था।

साल 2012 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। अपने पहले अटेम्प्ट में ही उन्होंने मेन्स परीक्षा क्लियर कर ली लेकिन पर्सनैलिटी टेस्ट में असफल रहे। पहला अटेम्प्ट देने के बाद उन्होंने गूगल में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नौकरी शुरू कर दी थी। फिर साल 2013 में अनुदीप ने यूपीएससी की परीक्षा पास की लेकिन रैंक कम आने की वजह से उन्हें आईआरएस सेवा अलॉट नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने गूगल की नौकरी छोड़ कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज ऑफिसर के तौर पर ज्वाइन कर लिया। इसके बावजूद भी उन्होंने आईएएस बनने का सपना नहीं छोड़ा।

मानव जाति और समाज के विकास में रुचि होने के कारण अनुदीप ने एंथ्रोपोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था। नौकरी के साथ साथ परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था। फिर भी वह समय निकालकर अपनी पढ़ाई किया करते थे। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, केवल इंटरनेट के माध्यम से पढ़ाई करते रहे। अपने तीसरे और चौथे अटेम्प्ट में असफल होने के बाद भी वह कठिन परिश्रम करते रहे। आखिरकार पांचवें अटेंप्ट में उनकी मेहनत रंग लाई और उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हुआ।




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