आर्मस्ट्रांग पाम 24 साल की उम्र में बने IAS, जानिए क्यों कहलाते हैं मिरेकल मैन

UPSC: आर्मस्ट्रांग पाम नागालैंड की ज़ेमे जनजाति से आईएएस अधिकारी बनने वाले पहले व्यक्ति हैं और उन्होंने मणिपुर को नागालैंड और असम से रिमोट में जोड़ने वाली “पीपुल्स रोड” के रूप में प्रसिद्ध 100 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए ‘मिरेकल मैन’ की उपाधि प्राप्त की है।

आर्मस्ट्रांग पाम मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के तौसेम सब-डिवीजन के इम्पा गांव से आते हैं। वह ज़ेलियांगरोंग समुदाय के ज़ेमे भाषी समूह से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम हैतुंग पामे और माता का नाम निंगवांगल के दूसरे पुत्र हैं। उनके बड़े भाई जेरेमिया पामे दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर हैं। उनकी दो बड़ी बहनें पौरेई और रामनिंग हैं।

आर्मस्ट्रांग पाम ने मणिपुर के तामेंगलोंग के एक टाउन स्कूल में यूनाइटेड बिल्डर्स स्कूल से 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की और सेंट एडमंड कॉलेज, शिलांग चले गए और वहां 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 2005 तक, उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से फिजिक्स से ग्रेजुएट की डिग्री पूरी की।

आर्मस्ट्रांग पाम 2007 में सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया और सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में सफलता प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 2008 में दूसरे प्रयास में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) परीक्षा में सफलता प्राप्त की। जब उन्होंने IAS एग्जाम पास किया तब उनकी उम्र 24 साल थी।

आर्मस्ट्रांग पाम को पब्लिक सर्विस कैटेगरी में CNN-IBN Indian of the Year Award के लिए नॉमिनेट किया गया था। वर्ष 2015 में उन्हें देश के बेहतरीन IAS ऑफिसर के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।




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