कुछ ऐसा रहा विजय का कॉन्स्टेबल से आईपीएस ऑफिसर बनने का सफर

UPSC: कई बार ऐसा होता है कि लोग अपनी असफलताओं के लिए कभी परिस्थिति को जिम्मेदार ठहराते हैं तो कभी किसी और चीज को लेकिन अगर आपके अंदर वास्तव में कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो बड़ी से बड़ी कठिनाई भी पार की जा सकती है। आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताएंगे जिन्होंने तमाम चुनौतियां के बाद भी कॉन्स्टेबल से आईपीएस बनने तक का सफर तय किया।

राजस्थान के रहने वाले विजय सिंह गुर्जर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के एक सरकारी स्कूल से ही प्राप्त की है। विजय एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इनके पिता एक किसान हैं और इनकी माता गृहणी हैं। विजय के पिता खुद ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा पर हमेशा ध्यान दिया है।

विजय ने साल 2002 में दसवीं कक्षा पास की और साल 2014 में 12वीं कक्षा पास की है। इसके बाद उन्होंने 2009 में संस्कृत विषय से बैचलर्स की डिग्री हासिल की थी। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद ही साल 2010 में उन्हें दिल्ली पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने नौकरी के साथ अपनी तैयारी जारी रखी और फिर उसी साल उनका चयन दिल्ली पुलिस में ही सब इंस्पेक्टर के पद पर हो गया था। केवल इतना ही नहीं, सब इंस्पेक्टर के बाद उन्होंने एसएससी परीक्षा पास करके इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी शुरू कर दी थी।

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विजय अपनी मेहनत और लगन के साथ सफलता की सीढ़ी पर आगे बढ़ते जा रहे थे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की भी तैयारी शुरू कर दी थी। उनके लिए नौकरी छोड़ कर पूरा समय तैयारी के लिए देना संभव नहीं था इसलिए उन्हें जब भी वक्त मिलता वह पढ़ाई किया करते थे। हालांकि, यूपीएससी परीक्षा में उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा लेकिन हमेशा से जीवन में आने वाली कठिनाइयों को पार करने वाले विजय ने हार नहीं मानी और पढ़ाई में लगे रहे। साल 2016 में विजय यूपीएससी परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंच गए थे लेकिन सेलेक्ट नहीं हो पाए थे। इस बात पर निराश होने की जगह उन्होंने अपना हौसला बढ़ाया और दुगनी मेहनत की क्योंकि उनकी मंजिल अब केवल एक कदम ही दूर थी।

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आखिरकार साल 2017 में विजय की मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 574वीं रैंक हासिल की। विजय का मानना है कि यह परीक्षा क्लियर करने के लिए आपका बैकग्राउंड या आपकी भाषा आदि से फर्क नहीं पड़ता है। यदि आपके अंदर कुछ करने का जुनून है तो आपके सामने कोई बाधा ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती है। सफलता पाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमियों को पहचाने और उसमें सुधार करें।




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