जानिए क्या होता है ब्लड मून, भारत में इस समय दिखेगी यह खगोलीय घटना

Lunar Eclipse 2021: साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी 26 मई को लग रहा है। साल का पहला चंद्र ग्रहण होने के साथ ही यह घटना और भी खास है क्योंकि पूर्णचंद्र ग्रहण, सुपरमून और रेड ब्लड मून एक साथ ही होगा। गौरतलब है कि पिछले 6 सालों में ऐसी खगोलीय घटना देखने को नहीं मिली है। आइए सबसे पहले जानते हैं कि क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण, ब्लड मून और सुपरमून।

पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है और चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है। जिससे चंद्रमा पर पड़ने वाली सीधी धूप रुक जाती है। सूर्य के प्रकाश की यह रुकावट चंद्रमा की सतह पर पृथ्वी की छाया डालती है और इस प्रकार पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है। ग्रहण के ही दौरान जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया से ढक जाता है तो अंधेरा हो जाता है।

हालाँकि, चंद्रमा पूरी तरह से काला होने के बजाय, एक लाल रंग ले लेता है। इसलिए, पूर्ण चंद्र ग्रहण को अकसर रेड या ब्लड मून भी कहा जाता है। वहीं, सुपरमून की बात करें तो नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) का कहना है कि जब चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होने के साथ ही पृथ्वी की कक्षा के सबसे करीब होता है तो वह अपने आकार से बड़ा दिखाई देता है इसलिए उसे सुपरमून कहा जाता है।

आपको बता दें कि यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के क्षेत्र में दिखाई देगा। हालांकि,भारत में यह पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, ओडिशा के तटीय हिस्सों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में चंद्रोदय के ठीक बाद आंशिक चंद्रग्रहण दिखाई देगा। भारत में ग्रहण का आंशिक चरण दोपहर 3:15 बजे से शुरू होगा। ग्रहण का कुल चरण शाम 4:58 बजे समाप्त होगा, जबकि आंशिक चरण शाम 6:23 बजे समाप्त होगा।




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