जानिए क्यों है केंद्रीय विद्यालय इतना खास

KVS Admission 2021: केंद्रीय विद्यालय की स्थापना 15 दिसंबर 1963 में रक्षा और अर्थ सैनिक सेवाओं सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के एकमात्र उद्देश्य से की गई थी। यह सिलसिला 5 दशक पहले करीब 20 स्कूलों के साथ शुरू किया गया था। वर्तमान में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या 1200 से अधिक है। इन विद्यालयों में लगभग 13,93,668 छात्र अध्ययनरत हैं। भारत के अलावा यह विद्यालय काठमांडू, मॉस्को और तेहरान में भी स्थापित किया गया है।

केंद्रीय विद्यालय का संचालन केंद्रीय विद्यालय संगठन के द्वारा किया जाता है जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन है। केंद्रीय विद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ पब्लिक स्कूलों में गिना जाता है क्योंकि यह विद्यालय न केवल अच्छी शिक्षा प्रदान करता है बल्कि अन्य स्कूलों के मुकाबले इसकी फीस भी कम है। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय में नए प्रवेश के लिए उपलब्ध सीटों में से 25% शिक्षा के अधिकार के तहत, 15% अनुसूचित जाति के लिए, 7.5 % अनुसूचित जनजाति के लिए और 27 % सीटें ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) के लिए आरक्षित की गई हैं।

बता दें कि केंद्रीय विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए दूसरा नोटिफिकेशन 8 जुलाई को जारी किया गया था। यह केवल उन्हीं विद्यालयों में जारी किया गया जहां कक्षा 1 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन मोड के माध्यम से पर्याप्त आवेदन नहीं प्राप्त हुए थे। जिन विद्यालयों में नोटिफिकेशन जारी किया गया, वहां प्रवेश के लिए 12 जुलाई तक आवेदन मांगे गए थे और छात्रों की लिस्ट भी 16 जुलाई तक जारी कर दी गई थी।

इसके अलावा केंद्रीय विद्यालयों में टीजीटी, पीजीटी और पीआरटी सहित अन्य पदों पर भर्ती की जानी है। हालांकि, अभी तक संगठन द्वारा इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सभी इच्छुक उम्मीदवार इन पदों के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन मोड के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।




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