मधुबनी के 22 साल के मुकुंद ने इस तरह पाई थी यूपीएससी में सफलता

UPSC: आज हम आपको बिहार के रहने वाले मुकुंद के बारे में बताएंगे जिन्होंने बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए यूपीएससी परीक्षा के पहले अटेम्प्ट में 54वीं रैंक प्राप्त की थी। उन्होंने यह कामयाबी सही स्ट्रेटजी और टाइम मैनेजमेंट के चलते पाई।

मुकुंद कुमार बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। मुकुंद के पिता के अनुसार, मुकुंद पढ़ाई में काफी एवरेज थे लेकिन उन्होंने हर परीक्षा में फर्स्ट डिवीज़न हासिल किया है। बता दें कि मुकुंद ने अपनी प्राथमिक शिक्षा मधुबनी के राजनगर आवासीय शारदा विद्यालय से प्राप्त की है। इसके बाद साल 2006 में उन्होंने असम के एक सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा पास कर दाखिला लिया था। यहां उन्होंने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद मुकुंद आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गए। फिर उन्होंने साल 2018 में दिल्ली विश्वविद्यालय के PGDAV कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में बैचलर्स की डिग्री प्राप्त की।

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद मुकुंद यूपीएससी की तैयारी में लग गए थे। वह बचपन से ही इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता थे इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी पूरी करने के बाद ही यूपीएससी का पहला अटेम्प्ट दिया था। साल 2019 के पहले ही अटेम्प्ट में मुकुंद ने न केवल यह परीक्षा पास की बल्कि 54वीं रैंक प्राप्त कर अपने जिले का नाम भी रोशन किया था। बता दें कि जब उन्होंने यूपीएससी में सफलता प्राप्त की थी तब वह महज़ 22 साल के ही थे और उन्होंने इसके लिए कोई कोचिंग भी नहीं ज्वाइन किया था।

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी को लेकर मुकुंद का मानना है कि उम्मीदवारों को सबसे पहले परीक्षा का सिलेबस पढ़ना और समझना चाहिए। इसके बाद अपनी पढ़ाई की शुरुआत बेसिक्स से करें। इसके अलावा वह कहते हैं कि प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी अच्छे से करें क्योंकि अगर प्रीलिम्स क्लियर करने में ही असफल रहे तो आगे की तैयारी बेकार जाएगी। वहीं, मेन्स परीक्षा के लिए वह वैकल्पिक विषय पर काफी ज़ोर देते हैं। करंट अफेयर्स की बात करें तो मुकुंद ‘द हिंदू’ और ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ जैसे अखबारों को पढ़ने की सलाह देते हैं।




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