राकेश आनंद ने BPSC परीक्षा के लिए अपनाई ये स्ट्रेटजी, पाई 54वीं रैंक

Bihar PSC: बिहार के बांका जिले के रहने वाले राकेश आनंद ने BPSC sixty fourth CCE Exam में 54वीं रैंक हासिल की है। राकेश ने जियोग्राफी से ग्रेजुएशन किया है। वह दिल्ली में पिछले 5 साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। यहां हम आपको परीक्षा की तैयारी के लिए उनकी स्ट्रेटजी के बारे में बताएंगे।

राकेश सिलेबस को अच्छी तरह से समझने और उसके महत्वपूर्ण भागों को याद रखने पर जो़र देते हैं। प्रीलिम्स की स्ट्रेटजी के बारे में बताते हुए आनंद कहते हैं कि मैथ्स और साइंस विषय में अच्छी पकड़ होने के कारण उन्होंने इस भाग में अधिक अंक प्राप्त करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने टाइम मैनेजमेंट को बेहतर करने के लिए वन लाइनर नोट्स तैयार किए साथ ही मॉक पेपर भी हल किए। प्रीलिम्स की तैयारी के लिए उन्होंने क्रॉउन पब्लिकेशन द्वारा बिहार स्पेशल, इंडियन पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत, कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी, जियोग्राफी के लिए जीसी लियोंग, हिस्ट्री के लिए एनसीईआरटी और स्पेक्ट्रम मॉडर्न इंडिया जैसी किताबों का अध्ययन किया।

वहीं, मेन्स परीक्षा के पेपर पैटर्न को समझने के लिए आनंद ने पिछले साल के सवालों का विश्लेषण करने और सभी विषयों पर नोट्स बनाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने सभी सवालों को निर्धारित समय में‌ पूरा करने पर जोर दिया है, जिसके लिए राइटिंग प्रैक्टिस होना आवश्यक है।

इंटरव्यू की तैयारी के लिए राकेश ने कई मॉक इंटरव्यू दिए और फिर फीडबैक के आधार पर सुधार किया। राकेश बताते हैं कि यूपीएससी के विपरीत बीपीएससी के इंटरव्यू लगभग 15 – 20 मिनट के लिए होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि उम्मीदवार सभी प्रश्न का सटीक जवाब दे। वह बताते हैं कि इंटरव्यू में भाषा की कोई बाधा नहीं होती इसलिए उम्मीदवार केवल वही भाषा चुनें जिसमें वह अच्छे से जवाब दे सके। इसके अलावा उम्मीदवार अपने ग्रेजुएशन के विषय और वैकल्पिक विषय पर अच्छी पकड़ रखें।

बता दें कि आनंद बिहार राज्य कैडर में बतौर रेवेन्यू ऑफिसर के पद पर नियुक्त किए जाएंगे। वह पिछले 5 साल से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और साल 2018 में UPSC CAPF Exam पास करने के बाद उन्हें असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में चुना गया था। राकेश कहते हैं कि कभी-कभी सफलता आप तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय कर सकती है। ज़रूरी है कि हम इस दौरान कभी हार न माने और हर असफलता के बाद दुगनी मेहनत करें।




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