रेनू का डॉक्टर से आईएएस बनने का सफर

UPSC: आज हम आपको डॉक्टर रेनू राज के बारे में बताएंगे जिन्होंने साल 2014 के अपने पहले अटेम्प्ट में यूपीएससी परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी। रेनू राज केरल के कोट्टायम की रहने वाली हैं। इनके पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और इनकी माता एक गृहिणी हैं। रेनू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोट्टायम के सेंट टैरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने वहीं के एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की है। रेनू की दोनों बहने और उनके पति पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन रेनू बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनाना चाहती थीं। रेनू ने जब यूपीएससी परीक्षा टॉप की थी तब वह केरल के एक जिले में बतौर डॉक्टर कार्यरत थीं।

रेनू बताती हैं कि वह यूपीएससी परीक्षा के लिए दिसंबर 2013 से ही हर रोज 3 -6 घंटे की पढ़ाई किया करती थीं। इसके साथ ही वह अपने खाने और सोने का बेहद ध्यान दिया करती थीं। उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा के लिए एक साथ ही तैयारी की थी। उन्होंने प्रीलिम्स और अपने वैकल्पिक विषय के लिए कोचिंग की थी । करंट अफेयर्स की तैयारी के लिए रेनू ‘द हिंदू’, योजना और कुरुक्षेत्र जैसी मैगज़ीन पढ़ा करती थीं। इसके अलावा वह मॉक टेस्ट भी दिया करती थी और आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस किया करती थीं जिसका फायदा उन्हें परीक्षा के दौरान प्राप्त हुआ।

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रेनू हिस्ट्री के लिए बिपिन चंद्र, पॉलिटी के लिए लक्ष्मीकांत, जियोग्राफी के लिए एनसीईआरटी, करंट अफेयर्स के लिए न्यूज़पेपर और मैगजीन पढ़ने की सलाह देती हैं। रेनू के अनुसार साइंस और टेक्नोलॉजी विषय के लिए आप ऑनलाइन कंटेंट पर निर्भर कर सकते हैं।

अपनी सफलता के लिए रेनू अपने परिवार वालों को श्रेय देती हैं जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ निभाया है। रेनू का मानना है कि यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित होना चाहिए और हर गलती से सीखना चाहिए। इसी लगन और मेहनत के कारण ही रेनू अपने पहले ही अटेम्प्ट में कामयाब रहीं।




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