श्रेष्ठ अनुपम ने इस स्ट्रेटजी के साथ क्लियर की थी यूपीएससी परीक्षा

UPSC: श्रेष्ठ अनुपम बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले हैं। वह बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे। उन्होंने कक्षा 10 की पढ़ाई ICSE Board के सेंट जोसेफ स्कूल से की है। साल 2012 में वह ICSE बोर्ड के दूसरे टॉपर भी रहे थे। इसके बाद उन्होंने कक्षा 12 की पढ़ाई CBSE बोर्ड से की और इस बार उन्होंने अपने जिले में टॉप किया था। इसके साथ ही उन्होंने IIT JEE भी क्लियर किया था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद साल 2018 में श्रेष्ठ ने IIT Delhi से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री प्राप्त की है।

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद श्रेष्ठ ने नौकरी करने की जगह यूपीएससी की तैयारी जारी रखने का फैसला किया था। वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए दिन में लगभग 10 से 15 घंटे तक पढ़ाई किया करते थे। श्रेष्ठ ने पहले अटेम्प्ट में ही यूपीएससी परीक्षा क्लियर करने की पूरी कोशिश की थी लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। कड़ी मेहनत के बावजूद भी श्रेष्ठ पहले अटेम्प्ट में यूपीएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपनी स्ट्रेटजी में बदलाव किया और दूसरे अटेम्प्ट में 19वी रैंक प्राप्त कर अपने माता पिता का सपना पूरा किया। बता दें कि श्रेष्ठ के पिता ने भी यूपीएससी परीक्षा के चार अटेम्प्ट दिए थे लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे। ऐसे में उनकी इच्छा थी की यूपीएससी का यह अधूरा सपना उनका बेटा पूरा करे। श्रेष्ठ भी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया और प्रोत्साहित किया।

UPSC: हिमांशु जैन ने ऐसे पूरा किया दादा का सपना, केवल 60 दिनों में की थी प्रीलिम्स की तैयारी 

यूपीएससी परीक्षा के लिए उनकी स्ट्रेटजी की बात करें तो श्रेष्ठ बताते हैं कि प्रीलिम्स के लिए उन्होंने सिलेबस में सभी स्टैंडर्ड किताबों को पूरा करने पर फोकस किया और फिर कई टेस्ट दिए। वहीं, मेन्स के लिए जैसे ही वह एक टॉपिक खत्म करते थे, उसके बाद लिखने की प्रैक्टिस करते थे। इसके अलावा, उन्होंने पिछले साल के सवालों की प्रैक्टिस की और पेपर पैटर्न को समझने का प्रयास किया। इंटरव्यू के लिए उन्होंने मॉक इंटरव्यू सेशन में भाग लिया था, जिसका फायदा उन्हें बाद में मिला।

श्रेष्ठ का कहना है कि यूपीएससी में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत के अलावा स्मार्ट वर्क करना भी आवश्यक है। इसके अलावा उम्मीदवारों को पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। हालांकि, सिविल सेवा परीक्षाओं को लेकर काफी अनिश्चितता रहती है लेकिन अगर आप अपनी पढ़ाई के प्रति केंद्रित हैं तो आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।




.