साल 2015 में तीसरी रैंक पाने वाले जसमीत ने ऐसे की थी तैयारी

UPSC: यूपीएससी परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इस परीक्षा को क्लियर करने के लिए सही स्ट्रेटजी और टाइम मैनेजमेंट के साथ आपके अंदर जुनून भी होनी चाहिए। यहां हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपनी असफलताओं और गलतियों से सीखते हुए आखिरकार अपनी मंजिल पाई। हम बात कर रहे हैं साल 2015 में तीसरी रैंक प्राप्त करने वाले जसमीत सिंह संधू की।

जसमीत सिंह संधू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लुधियाना के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने IIT Roorkee से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी 2010 से ही शुरू कर दी थी लेकिन अपने पहले दो अटेम्प्ट में वह असफल रहे थे। फिर साल 2014 के अपने तीसरे अटेम्प्ट में वह 332वीं रैंक प्राप्त कर सफल रहे थे। जिसके बाद उन्हें IRS के लिए नियुक्त कर लिया गया था लेकिन उनका लक्ष्य तो IAS बनना था इसलिए उन्होंने प्रयास जारी रखा। फिर आखिरकार उनकी मेहनत और लगन ने अपना असर दिखा ही दिया। जसमीत ने यूपीएससी परीक्षा के अपने चौथे प्रयास में न केवल अपना सपना पूरा किया बल्कि इस कठिन परीक्षा में तीसरी रैंक भी हासिल की। बता दें कि जब जसमीत ने यह सफलता हासिल की तब वह फरीदाबाद में IRS की ट्रेनिंग कर रहे थे।

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यूपीएससी परीक्षा की उनकी रणनीति की बात करें तो उन्होंने पढ़ाई के लिए कोई टाइम टेबल तो नहीं तैयार किया था लेकिन वह जब भी पढ़ते थे पूरी तन्मयता के साथ पढ़ते थे। उन्होंने यूपीएससी क्लियर करने के लिए केवल 1 महीने ही कोचिंग की थी।

जसमीत यूपीएससी का सिलेबस खत्म करने के बाद मॉक टेस्ट दिया करते थे और फिर जहां भी उनसे गलती होती थी, वहां सुधार करते थे। जसमीत का मानना है कि यूपीएससी मेन्स परीक्षा के लिए सभी टॉपिक को बहुत ही डिटेल और अलग-अलग दृष्टिकोण से पढ़ना चाहिए।

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इस तरह से उस विषय पर आप की अच्छी समझ विकसित हो जाएगी। उनके अनुसार परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय का चयन भी बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए। बता दें कि जसमीत का वैकल्पिक विषय पंजाबी लिटरेचर था। इससे पहले के दो अटेम्प्ट में उन्होंने साइकोलॉजी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।




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