सुल्तानपुर की रहने वाली प्रतिभा ने इस तरह पाई यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक

UPSC: यहां हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताएंगे जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर लगभग सभी क्षेत्रों में सफलता पाई है। वह अपने पद के जरिए समाज की और खासकर महिलाओं और बच्चों की सेवा करना चाहती हैं। हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर की रहने वाली प्रतिभा वर्मा की जिन्होंने साल 2019 में यूपीएससी परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने महिला उम्मीदवारों में भी टॉप किया था।

प्रतिभा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सुल्तानपुर के स्कूल से ही प्राप्त की है। वह बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थीं। यहां तक कि वह अपने स्कूल और कॉलेज की भी टॉपर रह चुकी हैं। स्कूल के दौरान वह एनएसएस से भी जुड़ी रहीं और यहीं से उनके मन में आईएएस बनने का सपना पलने लगा था।

प्रतिभा ने कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद IIT Delhi से B.Tech की डिग्री पूरी की है। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में लगभग 2 साल तक काम भी किया है। इसके अलावा प्रतिभा कई NGO में भी काम कर चुकी हैं और यहां से उन्हें देश और समाज के लिए सेवा करने की प्रेरणा मिली। फिर समाज के उत्थान में योगदान देने के लिए ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी।

प्रतिभा ने यूपीएससी का पहला अटेम्प्ट साल 2017 में दिया था लेकिन तब वह प्रीलिम्स भी क्लियर कर पाने में असफल रहीं थीं। फिर साल 2018 में उन्होंने दूसरा अटेम्प्ट दिया और इस बार उन्होंने 289 रैंक प्राप्त किया। जिसके बाद उन्हें इंडियन रिवेन्यू सर्विस अलॉट किया गया और उन्हें नागपुर में बतौर इनकम टैक्स कमिश्नर नियुक्त किया गया। हालांकि, प्रतिभा के मन में अभी भी आईएएस अधिकारी बनने का सपना था इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी से छुट्टी ली और फिर यूपीएससी की तैयारी में लग गईं।

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प्रतिभा बताती हैं कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीख ली और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में बदलाव किया। उनका मानना है कि यूपीएससी परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय का चुनाव एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। उनके अनुसार ग्रेजुएशन में पढ़े विषयों को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना जाना चाहिए।

प्रतिभा अपनी सफलता के लिए अपने परिवार वालों का आभार व्यक्त करती हैं। इसके अलावा वह इस क्षेत्र और अन्य क्षेत्र में अपना कीर्तिमान स्थापित करने वाली महिलाओं से बेहद प्रभावित हैं। प्रतिभा भी अपने पद के जरिए महिला सशक्तिकरण और बच्चों के लिए काम करना चाहती हैं।




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