7000 रुपए रोजाना तक की सैलरी पर बिहार में इनको दिया जा रहा काम, ये रहीं पूरी डिटेल

seventh Pay Commission: कोरोना काल में डॉक्टर्स की ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके लिए एमबीबीएस के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स से भी सेवाएं ली जा रही हैं। बिहार में राज्य सरकार ने को कोरोना की वजह से डॉक्टर्स और इससे संबंधित स्टाफ के लिए तीन महीने की अतिरिक्त नियुक्ति का प्रावधान किया है। इन तीन महीनों के लिए जो नियुक्तियां की जाएंगी उनके लिए राज्य सरकार ने मानदेय तय कर दिया है। राज्य सरकार ने इनके अलावा लैब टेक्निशियन, वार्ड बॉय, डेटा एंट्री ऑपरेटर, मल्टी टास्किंग स्टाफ की सेवा भी पहले से तय मानकों और दरों पर ली जा सकती हैं।

इसके लिए सरकार ने तीन कैटेगरी बनाई हैं। इसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर, जनरल डॉक्टर्स और नर्स हैं। किसे कितना मानदेय दिया जाएगा। इसका लेटर सभी डीएम सिविल सर्जन और हॉस्पिटल्स के अधीक्षकों को भेजा जा चुका है। किसे कितना मानदेय मिलेगा इसकी बात करें तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर पीजी को 7000 रुपए रोज, स्पेशलिस्ट डॉक्टर डिप्लोमा को 5000 रुपए रोजाना, एमबीबीएस डॉक्टर को 4000 रुपए रोजाना, नर्स को बीएससी नर्सिंग को 2000 रुपए रोजाना, जीएनएम को 1500 रुपए रोजाना और एएनएम को 1000 रुपए रोजाना दिया जाएगा।

आपको बता दें कि बिहार में शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक नियोजित शिक्षकों और कर्मचारियों की सैलरी के लिए राशि जारी कर दी है। इसमें 66104 टीचर्स के लिए 8,62,36,26,693 रुपए (862 करोड़ 36 लाख 26 हजार 693 रुपए) रुपए जारी किए गए हैं। वहीं 13 यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 821 करोड़ 2 लाख 56 हजार 531 रुपए जारी किए गए हैं। इससे शिक्षकों को अप्रैल से जुलाई तक की सैलरी और यूनिवर्सिटीज के शिक्षकों और कर्मचारियों को मार्च से मई तक की सैलरी मिलेगी।




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